अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन में आले ख़लीफ़ा के नौकरों की तरफ़ से बहरैन की आम जनता पर ज़हरीली गैस के गोले द़ागे गए जिससे एक बहरैनी शिया सईद अब्दुल्लाह मरजूक़ शहीद हो गए।सईद अब्दुल्लाह मरज़ूक़ 55 साल के थे और वह इन्क़ेलाबी शहीदों के साथ जा मिले।बहरैन की जेलों में राजनीतिक क़ैदियों को अवैध तरीक़े से यातनाएं दिये जाने मुख्य रूप से एक महिला के कपड़े उतार कर उसकी तलाशी लिये जाने के बाद जनता नें लगातार कई दिन विरोध प्रदर्शन कर के आले ख़लीफ़ा की इस घिनौनी हरकत की आलोचना की और क़ैदियों को फ़ौरन रिहा करने की मांग की गई जबकि आले ख़लीफ़ा की सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ नें प्रदर्शनकारियों पर ज़हरीली गैस के गोले दाग़े और उन्हें भगाने की नाकाम कोशिश की। इस हमले में गैस के गोले की चपेट में आने से 55 साल के शिया आदमी सईद अब्दुल्लाह मरजूक़ शहीद हो गए।स्पष्ट रहे कि सईद अब्दुल्लाह मरकूज़ की शहादत के बाद इन्क़ेलाबी शहीदों की संख्या 109 हो गई है।
16 जुलाई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 441902
बहरैन में आले ख़लीफ़ा के नौकरों की तरफ़ से बहरैन की आम जनता पर ज़हरीली गैस के गोले द़ागे गए जिससे एक बहरैनी शिया सईद अब्दुल्लाह मरजूक़ शहीद हो गए।